जबलपुर, अदालत ने तल्ख टिप्पणी में कहा कि जरा से विवाद पर हत्या की कोशिश अनुचित है। इस तरह की वारदात को अंजाम देने वालों की सही जगह जेल ही है। चूंकि जुर्म साबित हाे गया है, अत: आरोपित अब अपने गुनाह की सजा भुगतें। साथ ही भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने का संकल्प लें।
बरात में नाचने के विवाद पर हत्या के प्रयास के दो आरोपितों का जुर्म साबित होने पर 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुना दी। मामला सात साल पुराना था। अपर सत्र न्यायाधीश उमाशंकर अग्रवाल की कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। आरोपितों जबलपुर निवासी अखिल गुप्ता और संतोष विश्वकर्मा के ऊपर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
डांस को लेकर हुआ था विवाद : अभियोजन के मुताबिक दो मार्च, 2014 को जबलपुर के बर्मन मोहल्ला निवासी रजनीश गुप्ता ने ग्वारीघाट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके मामा के लड़के विकास गुप्ता की शादी है। ननवारा कटनी से लड़की वाले अग्रवाल धर्मशाला में आए थे। रजनीश, जितेंद्र, भावना सहित अन्य बरात लेकर गए और धर्मशाला गेट के सामने डांस करने लगे। इस बात को लेकर जितेन्द्र गुप्ता तथा अखिल एवं संतोष के बीच झड़प हो गई। दोनों आरोपितों ने जितेंद्र पर चाकू से कई वार किए जिससे वह बेहोश हो गया। इतना ही नहीं अखिल ने भावना को भी लात मारी। पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। कोर्ट ने दोनों को हत्या के प्रयास का आरोपित मानते हुए उक्त सजा सुनाई। शासन की ओर से एजीपी प्रमोद पाण्डेय ने पक्ष रखा।
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